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गुरुवार, 13 नवंबर 2008

देशप्रेम ही है हिन्दू आतंकवाद की जड



हिन्दुओं को राष्ट्र भक्ति का पाठ पढाने वालों खबरदार ....। मैडम सोनिया की रहनुमाई में देश में हिन्दू लफ़्ज़ आतंकवाद का पर्याय बन गया है । कल तक आर एस एस ,बजरंग दल , शिव सेना जैसे संगठनों को तिरछी निगाह से देखा जाता था । अब ये दायरा बढ चुका है ।

खबरिया चैनल चिल्ला - चिल्ला कर बता रहे हैं भगवे की हकीकत । खबरों के हथौडों से ठोक - ठोक कर दिमाग में ठूंसा जा रहा है हिन्दू आतंकवाद का जुमला । मोह माया त्याग जोगिया ओढने वाले संन्यासी देश को तोडने की साज़िश रचने वाले मास्टर माइंड बन गये हैं । ये लोग एकाएक ही साधु से शैतान बन गये हैं ।

देश की विडंबना भी देखिए , लुटेरे , फ़रेबी , बलात्कारी नामी गिरामी संत बन बैठे हैं । दूसरों का माल हज़म करने वाले ये संत टी वी के ज़रिए लोगों को सब कुछ त्याग देने की राह दिखाते हैं । दूसरी ओर राष्ट्र उत्थान का आह्वान करने वाले देशभक्त संन्यासी अतिवादी बताए जा रहे हैं ।

जूनापीठाधीश स्वामी अवधेशानंद गिरिजी महाराज ऎसे संन्यासी हैं , जिन्होंने राम कथा ,श्रीमद भागवत कथा और दुर्गा सप्तशती के माध्यम से केवल धर्म की नहीं राष्ट्र् के विकास की बात भी की है । वे हमेशा सकारात्मक सोच के साथ समाज और देश को दुनिया का सिरमौर बनाने की बात कहते हैं । साध्वी प्रज्ञा को दीक्षा देने मात्र को लेकर स्वामीजी का नाम इस पूरे पचडे में जिस तरीके से घसीटा गया , वह संगीन अपराध से कमतर नहीं ।

सवाल ज़ेहन में उठता है कि महज़ साध्वी प्रज्ञा को दीक्षा देने से या उन्हें एक - दो बार मिलने से स्वामीजी पर संदेह किया जा सकता है , तो फ़िर एटीएस को जांच का दायरा फ़ौरन से पेशतर बढा देना चाहिए । मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह और उनके पुत्र अजय सिंह से भी कडी पूछ्ताछ की जाना चाहिए । इसी बिना पर कई मंत्री , नेता , अधिकारी और उद्योगपतियों को हिन्दू अतिवाद का हिमायती ठहराया जा सकता है । इतना ही नहीं स्वामीजी के लाखों शिष्यों , उनमें मैं खुद भी शामिल हूं , हम सभी का नार्को और अन्य साइंटिफ़िक टेस्ट कराए जाना चाहिए ।

वक्त की चाल बदल गई है । देश हित की चिंता करना देशद्रोह और राष्ट्र् को बेज़ा लूटना - खसोटना देशप्रेम । देश के लोगों को जगाने की कोशिश - जुर्म , लेकिन हिन्दुस्तान का खंड - खंड विखंडन करने की साज़िश रचने वाले महापुरुष । देश को बेचने , गिरवी रखने के लिए इसका कमज़ोर होना ज़रुरी है । इसी के इंतज़ाम में जुटा है बिका हुआ मीडिया , मौकापरस्त नेता और ज़मीर बेच चुके आला अफ़सरान ।
मेरा मशविरा है , सभी राष्ट्रवादियों कर दो खुद को एटीएस के हवाले । जत्थे बनाकर महाराष्ट्र के लिए कूच करो । कहो कि प्रस्तुत हैं हम सब बार -बार नार्को टेस्ट के लिए । आखिर हम अपराधी हैं , अपराध अपने देश से प्रेम करने का ............।
ऎसी ललकार कि तलवार भी पानी मांगे
ऎसी रफ़्तार कि दरिया भी रवानी मांगे ।

[ कार्तिक पूर्णिमा का पर्व गुरुदेव का अवतरण दिवस भी है । स्वामीजी का राष्ट्र उत्थान का संकल्प हम सभी अनुयायियों को प्रेरित करता रहे ,यही कामना है ।]